
विज्ञान और खोज
एक अरब वर्ष की गायब चट्टानों का रहस्य समझा सकती हैं पृथ्वी की गहरी हलचलें
ऑस्ट्रेलियाई शोधकर्ताओं ने सुपरकंप्यूटर सिमुलेशन की मदद से 150 वर्ष पुरानी एक भूवैज्ञानिक पहेली की संभावित व्याख्या पेश की है: कुछ शैल संरचनाओं में पृथ्वी के एक अरब वर्ष से अधिक लंबे इतिहास का रिकॉर्ड क्यों गायब है।
ग्रेट अनकन्फॉर्मिटी कहलाने वाला यह अंतराल ग्रैंड कैन्यन में स्पष्ट दिखता है, जहां अपेक्षाकृत नई अवसादी परतें सीधे बहुत पुरानी क्रिस्टलीय चट्टानों पर टिकी हैं। ऐसे अंतराल उत्तरी अमेरिका के बड़े हिस्से और उत्तरी यूरोप तथा उत्तरी चीन के कुछ भागों में भी हैं, लेकिन दुनिया भर में समान रूप से दिखाई नहीं देते।
Nature में प्रकाशित अध्ययन में वोलोंगोंग विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं संतोष ढुंगाना और निकोलस फ्लामेंट ने ऑस्ट्रेलिया के Gadi सुपरकंप्यूटर की मदद से पृथ्वी के मैंटल की हलचलों का मॉडल तैयार किया। मैंटल भूपर्पटी के नीचे गर्म और धीरे-धीरे गतिशील ठोस चट्टान की मोटी परत है।
उनके सिमुलेशन संकेत देते हैं कि इन गहरी हलचलों ने प्राचीन महाद्वीपीय भूखंडों को कई दस करोड़ वर्षों तक ऊपर उठाए रखा। इस उत्थान की अवधि का कुछ हिस्सा ‘स्नोबॉल अर्थ’ काल के दौरान था, जो लगभग 72 करोड़ से 63.5 करोड़ वर्ष पहले अत्यधिक हिमाच्छादन का दौर था।
इसके बाद खिसकती बर्फ ने उठे हुए भूभागों की चट्टानों को घिसकर हटा दिया होगा। जब महाद्वीप बाद में नीचे धंसे, तो नई तलछट घिसी हुई सतह को ढक सकती थी, जिससे भूवैज्ञानिक रिकॉर्ड में यह अंतराल सुरक्षित रह गया।
मॉडलों में ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अमेरिका में ऊपर उठने और नीचे धंसने के अलग पैटर्न भी मिले, जहां ग्रेट अनकन्फॉर्मिटी के बहुत कम प्रमाण हैं। यह भौगोलिक मेल प्रस्तावित व्याख्या को मजबूती देता है, हालांकि इसे अंतिम उत्तर नहीं बनाता।