
स्वास्थ्य और उपचार
भारत में कैंसर की लगभग 87 करोड़ स्क्रीनिंग जांचें हुईं
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत ने अपने राष्ट्रीय रोकथाम कार्यक्रम के तहत मुंह, स्तन और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर की 86 करोड़ 97 लाख स्क्रीनिंग जांचें की हैं। जिन लोगों की जांच हुई, उनमें से 5 लाख 50 हजार का इलाज चल रहा है।
इस कार्यक्रम के तहत 1 लाख 80 हजार से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों यानी सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में जांच की सुविधा मिलती है। कुल संख्या जांचों की है, जरूरी नहीं कि इतने अलग-अलग व्यक्तियों की जांच हुई हो। कार्यक्रम की पहुंच का आकलन करते समय यह अंतर महत्वपूर्ण है।
देखभाल की व्यवस्था इन शुरुआती जांचों तक सीमित नहीं है। निदान और उपचार के लिए मरीजों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से जिला अस्पतालों और विशेषज्ञ कैंसर केंद्रों में भेजा जा सकता है। अधिकारियों ने मरीजों के घरों के करीब कीमोथेरेपी उपलब्ध कराने के लिए डे-केयर कैंसर केंद्रों की स्थापना पर भी प्रकाश डाला।
जरूरत अब भी बहुत बड़ी है। स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने कहा कि भारत में 2024 में स्तन कैंसर के 2 लाख से अधिक नए मामले दर्ज हुए। उन्होंने आगाह किया कि जागरूकता बढ़ने और स्क्रीनिंग सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद निदान में देरी चिंता का विषय बनी हुई है।
लोगों को समय रहते कदम उठाने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से डाक विभाग ने स्तन कैंसर जागरूकता संबंधी डाक टिकट और पोस्टकार्ड जारी किए हैं। उसकी योजना अपने देशव्यापी नेटवर्क के जरिए जल्द पहचान के संदेश पहुंचाने की है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने जोर दिया कि समय पर निदान से इलाज के नतीजे और जीवन की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है। उन्होंने लोगों को उपलब्ध सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का उपयोग करने के लिए भी प्रोत्साहित किया।