
फलती-फूलती प्रकृति
बचाए गए नौ ओरंगुटान बोर्नियो के जंगल में लौटे
इंडोनेशियाई बोर्नियो में जंगल की आग से बचाए गए नौ ओरंगुटान कई सप्ताह के पुनर्वास के बाद जंगल में लौट गए हैं। संरक्षणकर्मियों ने 29 अक्टूबर को उन्हें पश्चिम कालिमंतान प्रांत के 23,000 हेक्टेयर में फैले संरक्षित क्षेत्र बाटू न्याम्बू में छोड़ा।
अगस्त और सितंबर में केतापांग में आग फैलने के दौरान इन वानरों को बचाया गया था। वन्यजीव पुनर्वास संस्था YIARI के अनुसार, कुछ के हाथ-पैर झुलस गए थे और कुछ का वजन कम था तथा वे कुपोषित थे। पुनर्वास केंद्र में चार से आठ सप्ताह तक देखभाल और भोजन मिलने से उन्होंने जंगल में छोड़े जाने लायक ताकत वापस पा ली।
उनके नए ठिकाने तक पहुंचने के लिए कार और कयाक से यात्रा करने के बाद खड़ी ढलानों वाली, फिसलन भरी जमीन पर घंटों पैदल चलना पड़ा। कर्मचारी डंडों से लटके पिंजरों में ओरंगुटान को ले गए। एक पिंजरा खुलते ही एक मां और उसका बच्चा तेजी से पेड़ों पर चढ़े और घनी पत्तियों में ओझल हो गए।
समूह में अपने बच्चों के साथ चार मादाएं शामिल थीं। अंतिम स्वास्थ्य जांच में पता चला कि इनमें से तीन फिर गर्भवती थीं। टीम की योजना गर्भवती मादाओं में से एक, मामा ओचा, की निगरानी और जंगल में उसकी वापसी में सहायता के लिए आसपास ही रहने की है।
ओरंगुटान अब भी गंभीर रूप से संकटग्रस्त हैं और आग से उनके आवास पर खतरा बना हुआ है। संरक्षणकर्मियों ने बाटू न्याम्बू को इसलिए चुना क्योंकि वहां का काफी हद तक अछूता जंगल भरपूर भोजन और आश्रय देता है। इससे बचाए गए जानवरों को पुनर्वास केंद्र से बाहर भी उबरने की जगह मिलती है।