
विज्ञान और खोज
एक सूक्ष्म रासायनिक विशेषता कोशिकाओं के बिना RNA को एकत्र होने में मदद करती है
वैज्ञानिकों ने एक सूक्ष्म रासायनिक विशेषता पहचानी है, जो आसपास झिल्ली न होने पर भी RNA को बूंदों में एकत्र होने में मदद करती है। इससे नया सुराग मिला है कि पहली कोशिकाओं के अस्तित्व में आने से पहले अणुओं ने खुद को कैसे व्यवस्थित किया होगा।
प्रिंसटन विश्वविद्यालय के सहयोग से बफ़ेलो विश्वविद्यालय के नेतृत्व में हुए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने RNA की तुलना मूलतः समान आनुवंशिक अनुक्रमों वाले एकल-सूत्री DNA से की। प्रयोगशाला की परिस्थितियों में RNA ने DNA के मुकाबले लगभग 10°C कम तापमान पर बूंदें बनानी शुरू कीं। उसमें आपस में जुड़े जाल बनने की संभावना भी अधिक थी, जिनसे बूंदें जेल जैसी हो गईं।
इसकी कुंजी संभवतः RNA की शर्करा इकाइयों से जुड़ा ऑक्सीजन युक्त समूह है, जो DNA में नहीं होता। सूक्ष्मदर्शी अवलोकन, एक्स-रे मापन और कंप्यूटर सिमुलेशन संकेत देते हैं कि यह विशेषता पानी और मैग्नीशियम के साथ RNA की परस्पर क्रिया बदलती है और तापमान बढ़ने पर उसके सूत्रों को एक साथ आने में मदद करती है। इस समूह में रासायनिक बदलाव करने से RNA की बूंदें बनाने की प्रवृत्ति कम हुई।
यह निष्कर्ष महत्वपूर्ण है क्योंकि RNA आनुवंशिक जानकारी वहन करने के साथ रासायनिक अभिक्रियाओं को आगे बढ़ाने में भी मदद कर सकता है। एक प्रभावशाली परिकल्पना उसे जीवन की शुरुआत के करीब रखती है, लेकिन यह समझाना अब भी चुनौती है कि नाजुक RNA कोशिकाओं के बिना कैसे एकत्र हुआ और बचा रहा होगा।
Nature Communications में प्रकाशित यह अध्ययन स्थापित नहीं करता कि इन बूंदों ने जीवन की उत्पत्ति में मदद की। लेकिन यह शोधकर्ताओं को जांच के लिए एक अधिक स्पष्ट तंत्र देता है, जिसमें यह प्रश्न भी शामिल है कि क्या जेल जैसे RNA के बने अलग हिस्से कठोर परिस्थितियों में सुरक्षा दे सकते थे।