
विज्ञान और खोज
AI की मदद से सुलझा इंटरनेट सुरक्षा का 25 साल पुराना रहस्य
AI की सहायता से की गई जांच ने व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाले इंटरनेट सुरक्षा मानकों में प्रयुक्त पांच संख्याओं का स्रोत एक सामान्य कंप्यूटर प्रोग्राम में खोज लिया है। इन संख्याओं की उत्पत्ति लंबे समय से अस्पष्ट थी। इससे 25 साल पुराने रहस्य का ऐसा उत्तर मिला है जिसे उसी प्रक्रिया को दोहराकर जांचा जा सकता है।
Anthropic का कहना है कि उसके एक आंतरिक Claude अनुसंधान मॉडल ने आधे घंटे से भी कम समय में इनकी उत्पत्ति का पता लगा लिया। ये संख्याएं एक ऐसे प्रोग्राम से आई थीं जो देखने में यादृच्छिक मान उत्पन्न करता है और जिसे 1997 तथा 1998 की तारीखों और समय के मान देकर शुरू किया गया था। शोधकर्ता अब उस प्रक्रिया को दोहराकर प्रकाशित संख्याएं प्राप्त कर सकते हैं। क्रिप्टोग्राफी इंजीनियर फिलिप्पो वाल्सोर्दा ने स्वतंत्र रूप से इस विधि को दोहराया।
सीड कहलाने वाली इन संख्याओं ने डिजिटल हस्ताक्षरों की पुष्टि और उपयोगकर्ताओं की पहचान प्रमाणित करने में इस्तेमाल होने वाले गणितीय वक्रों को परिभाषित करने में मदद की। अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी ने इन्हें उन मानकों के लिए दिया था जिन्हें राष्ट्रीय मानक एवं प्रौद्योगिकी संस्थान ने 2000 में अपनाया, लेकिन यह नहीं बताया कि इन्हें कैसे चुना गया। इस गोपनीयता से आशंकाएं बढ़ीं कि इनमें छिपी कमजोरियां जानबूझकर डाली गई होंगी।
इस खोज से जानबूझकर बैकडोर रखे जाने की संभावना कम लगती है, लेकिन वह पूरी तरह खारिज नहीं होती। शोधकर्ता अब भी यह नहीं समझा सके हैं कि कुछ उपयुक्त विकल्प क्यों छोड़े गए या हर घटक कैसे चुना गया। ये डिजाइन में इस्तेमाल सार्वजनिक संख्याएं थीं, उपयोगकर्ताओं की गुप्त कुंजियां नहीं। Anthropic के अनुसार, इन मानकों का इस्तेमाल करने वालों को कुछ बदलने की जरूरत नहीं है।
इस खोज के लिए 36,864 डॉलर की इनामी राशि Internet Security Research Group को दी जाएगी। यह गैर-लाभकारी संस्था Let’s Encrypt का संचालन करती है, जो वेबसाइटों के लिए मुफ्त सुरक्षा प्रमाणपत्र प्रदान करता है।