
विज्ञान और खोज
हंस की तुलना में पांचवें हिस्से की ऊर्जा से कैसे उड़ते हैं कॉन्डोर
एक नए अध्ययन का अनुमान है कि एंडियन कॉन्डोर लगभग समान वजन वाले ट्रम्पेटर हंसों की तुलना में प्रति किलोमीटर 79% कम ऊर्जा खर्च करते हैं। उन्हें यह लाभ लगातार पंख फड़फड़ाने के बजाय ऊपर उठती हवा के सहारे उड़ने से मिलता है।
दोनों पक्षियों का वजन लगभग 11 किलोग्राम होता है। विश्लेषण किए गए उड़ान रिकॉर्डों में कॉन्डोर ने यात्रा के केवल 0.1% समय पंख फड़फड़ाए, जबकि हंसों के लिए यह आंकड़ा 99% था।
Science में प्रकाशित इस शोध में 38 प्रजातियों के 850 पक्षियों और चमगादड़ों के 17 वर्षों के GPS और गति-सेंसर रिकॉर्डों को छोटे उड़ने वाले जीवों के रडार प्रेक्षणों के साथ जोड़ा गया। 68 शोधकर्ताओं की अंतरराष्ट्रीय टीम ने पहले से मौजूद आंकड़े दिए, जिससे नए जीवों पर टैग लगाए बिना विश्लेषण संभव हुआ। गति के रिकॉर्डों को मौसम के आंकड़ों से मिलाने से वैज्ञानिकों को वास्तविक परिस्थितियों में ऊर्जा खर्च का अनुमान लगाने में मदद मिली।
निष्कर्ष बताते हैं कि केवल शरीर का आकार उड़ान के लिए जरूरी ऊर्जा की व्याख्या नहीं कर सकता। हवा के सहारे उड़ने वाले बड़े पक्षी आम तौर पर कम पंख फड़फड़ाते थे, लेकिन उनकी दक्षता ऊपर उठती उपयुक्त हवा मिलने पर निर्भर थी। इससे यह सीमित होता था कि वे कब और कहां यात्रा कर सकते हैं। पंख फड़फड़ाकर उड़ने वाले पक्षी अधिक विविध परिस्थितियों का सामना कर सकते थे, हालांकि सामने से आती हवा उनका ऊर्जा खर्च बढ़ा देती थी।
ये आंकड़े गति पर आधारित अनुमान हैं, ऊर्जा खपत के प्रत्यक्ष माप नहीं। शोधकर्ता हृदयगति मॉनिटर जैसे उपकरणों की मदद से इन निष्कर्षों को आगे बढ़ाना चाहते हैं, ताकि यह बेहतर समझा जा सके कि वायुमंडल जीवों की यात्राओं को कैसे प्रभावित करता है।