
विज्ञान और खोज
संकेत मिले कि तारे की मृत्यु के बाद बना एक ग्रह
खगोलविदों ने ऐसे रासायनिक और प्रकाश संकेत पाए हैं जो किसी तारे की मृत्यु के बाद बने ग्रह की ओर इशारा कर सकते हैं। यदि इसकी पुष्टि होती है, तो यह किसी श्वेत वामन के आसपास ज्ञात पहला ‘दूसरी पीढ़ी’ का ग्रह होगा। श्वेत वामन सूर्य जैसे तारे का पीछे बचा हुआ घना और गर्म केंद्र होता है।
Nature Astronomy में प्रकाशित अध्ययन लगभग 270 प्रकाश-वर्ष दूर स्थित HS 0209+0832 पर केंद्रित है। अवलोकनों में उसकी सतह पर भारी तत्वों की असामान्य मात्रा मिली, जिनमें नायोबियम भी शामिल है, जिसकी पहचान पहले किसी श्वेत वामन में नहीं हुई थी। यह रासायनिक मिश्रण उन पदार्थों से मिलता-जुलता है जो तारे अपने जीवन के अंतिम चरण में उत्पन्न करते हैं।
NASA के TESS उपग्रह ने भी तारे की चमक में हर 4.4 दिन पर दोहराया जाने वाला हल्का बदलाव दर्ज किया, जो पास में परिक्रमा कर रहे एक विशाल ग्रह के अनुरूप है। शोधकर्ताओं का प्रस्ताव है कि मरते हुए तारे से निकला पदार्थ एक चक्राकार डिस्क में इकट्ठा हुआ और उससे एक नया ग्रह बना। इस परिदृश्य में श्वेत वामन का तीव्र विकिरण ग्रह से गैस अलग कर देता है। फिर उस पदार्थ का कुछ हिस्सा तारे पर गिरता है, जिससे उसकी सतह के असामान्य रासायनिक संघटन की व्याख्या होती है।
न तो ग्रह के अस्तित्व की पुष्टि हुई है, न उसकी उत्पत्ति की। टीम Hubble और NASA की Chandra X-ray Observatory से आगे अवलोकन करने की योजना बना रही है और अधिक साक्ष्य जुटाने के लिए James Webb Space Telescope पर समय मांगा है।