
विज्ञान और खोज
कैद किए गए प्रतिपदार्थ कण से भौतिकी की नई परख का रास्ता खुला
संयुक्त राज्य अमेरिका की नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के भौतिकविदों ने प्रतिपदार्थ के एक कण को महीनों तक कैद रखा और उसकी ऊर्जा को बेहद छोटे, मापने योग्य चरणों में नियंत्रित किया। यह उपलब्धि परखने का एक नया तरीका देती है कि पदार्थ और प्रतिपदार्थ के गुण एक-दूसरे से कितने मेल खाते हैं।
पॉज़िट्रॉन नामक इस कण का द्रव्यमान इलेक्ट्रॉन के बराबर होता है, लेकिन विद्युत आवेश विपरीत होता है। दोनों के मिलने पर उनका विनाश हो जाता है और ऊर्जा निकलती है। इसलिए अध्ययन के लिए पॉज़िट्रॉन को बनाए रखने का मतलब उसे सामान्य पदार्थ से अलग रखना है।
गेराल्ड गैब्रिएल्स के नेतृत्व वाली टीम ने रेडियोधर्मी क्षय से बने पॉज़िट्रॉनों को धीमा किया और विद्युत व चुंबकीय क्षेत्रों की मदद से उनमें से एक को कैद कर लिया। इन क्षेत्रों ने उसे लगभग पूर्ण निर्वात में उपकरण की दीवारों से दूर रखा। तापमान परम शून्य से केवल 0.3 डिग्री ऊपर रखा गया था।
शोधकर्ताओं ने पॉज़िट्रॉन की वृत्ताकार गति को उसकी न्यूनतम संभव ऊर्जा अवस्था में पहुंचाया, फिर माइक्रोवेव से उसे ऊर्जा स्तरों के बीच स्थानांतरित किया और इन बदलावों का पता लगाया। उनका अध्ययन 21 अक्टूबर को Physical Review Letters में प्रकाशित हुआ।
अब टीम पॉज़िट्रॉन के चुंबकीय गुणों को मापकर उनकी तुलना इलेक्ट्रॉन के गुणों से करना चाहती है। सिद्धांत के अनुसार दोनों की चुंबकीय ताकत बराबर होनी चाहिए। अंतर मिलने पर यह भौतिकी की मौजूदा समझ में किसी कमी की ओर इशारा कर सकता है और सुराग दे सकता है कि ब्रह्मांड में प्रतिपदार्थ की तुलना में पदार्थ इतना अधिक क्यों है। यह तुलना अभी जारी है।
स्रोत
- NatureA single antimatter particle in a cage opens door to 'revolutionary' physics
- ScienceAlertPhysicists Trapped a Particle of Antimatter And Kept It Caged For Months
- New ScientistA single antimatter particle was held in a trap for months | New Scientist
- news.northwestern.eduScientists trap and tame a single particle of antimatter for months