
फलती-फूलती प्रकृति
वनों की कटाई घटने से ब्राज़ील का उत्सर्जन लगातार तीसरे साल कम हुआ
ब्राज़ील का ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन 2025 में 6% घटा। यह लगातार तीसरी सालाना गिरावट थी और सकल उत्सर्जन आठ वर्षों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। देश ने 2022 के बाद से अपना सकल उत्सर्जन अब लगभग एक चौथाई घटा लिया है।
ब्राज़ील की क्लाइमेट ऑब्ज़र्वेटरी की निगरानी पहल SEEG के अनुमानों के अनुसार, 2025 में कुल उत्सर्जन 2.06 अरब टन कार्बन डाइऑक्साइड समतुल्य रहा। यह माप अलग-अलग गैसों के तापमान बढ़ाने वाले प्रभावों की तुलना करता है। सकल उत्सर्जन में वनस्पति द्वारा अवशोषित कार्बन को घटाने से पहले उत्सर्जित गैसों की गणना की जाती है।
इस गिरावट की मुख्य वजह प्राकृतिक वनस्पति की कटाई में कमी थी, खासकर अमेज़न और सेराडो में। शोधकर्ताओं ने इस सुधार को वनों की कटाई पर नियंत्रण की नीतियों से जोड़ा। भूमि उपयोग में बदलाव से होने वाला उत्सर्जन एक साल में 15% घटा। इसमें जंगलों और अन्य प्राकृतिक भूभागों से वनस्पति हटाना भी शामिल है। वनस्पति को बरकरार रखने से उसमें संचित कार्बन को वायुमंडल में जाने से रोकने में मदद मिलती है।
प्रगति अब भी असमान है। कृषि और पशुपालन से होने वाला उत्सर्जन लगभग अपरिवर्तित रहा, जबकि कचरे से होने वाला उत्सर्जन बढ़ा। ब्राज़ील पेरिस समझौते के तहत 2025 का अपना लक्ष्य भी हासिल नहीं कर सका: दोबारा उग रही वनस्पति और संरक्षित क्षेत्रों द्वारा अवशोषित कार्बन का हिसाब लगाने के बाद शुद्ध उत्सर्जन 1.41 अरब टन रहा, जो 1.32 अरब टन की सीमा से अधिक था।
लगातार गिरावट एक बड़ा सकारात्मक बदलाव है, लेकिन शोधकर्ताओं ने चेताया है कि भविष्य की जलवायु प्रतिबद्धताएं पूरी करने के लिए प्राकृतिक भूभागों का संरक्षण जारी रखने के साथ अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों में भी उत्सर्जन घटाना होगा।