
विज्ञान और खोज
प्राचीन डीएनए से हिमयुग के यूरोप में दूर-दराज के समुदायों के संबंध उजागर
शोधकर्ताओं को ऐसे आनुवंशिक साक्ष्य मिले हैं जिनसे पता चलता है कि लगभग 30,000 वर्ष पहले पूर्वी और पश्चिमी यूरोप के समुदाय आपस में जुड़े थे। इससे इस बारे में पुरानी धारणाओं को चुनौती मिली है कि वे कितने अलग-थलग थे।
मुख्य साक्ष्य एक महिला से मिला है, जिसके अवशेष दक्षिण-पश्चिमी फ्रांस की इस्तुरित्ज़ गुफा में पाए गए थे। उसकी अधिकांश आनुवंशिक वंशावली पश्चिमी यूरोपीय आबादियों से संबंधित थी, लेकिन उसके डीएनए में मध्य और पूर्वी यूरोप के लोगों से जुड़ी वंशावली भी दिखाई दी।
वियना विश्वविद्यालय के नेतृत्व वाली अंतरराष्ट्रीय टीम ने Science Advances में ये निष्कर्ष प्रकाशित किए। यह महिला ग्रावेटियन काल में रहती थी, जिसकी शिकारी-संग्रहकर्ता संस्कृति अपने औजारों और कलाकृतियों के लिए जानी जाती है। पुरातात्विक खोजों से पहले ही व्यापक संपर्क के संकेत मिले थे, लेकिन पुराने आनुवंशिक अध्ययन पूर्वी और पश्चिमी वंश-समूहों के काफी हद तक अलग होने की ओर इशारा करते थे। फ्रांस में एक अन्य व्यक्ति से मिले इसी तरह के डीएनए साक्ष्य संपर्क होने के तर्क को मजबूत करते हैं। पुरातात्विक साक्ष्यों के साथ मिलकर ये निष्कर्ष संकेत देते हैं कि इस्तुरित्ज़ अलग-अलग समूहों के मिलने का स्थान रहा होगा।
शोधकर्ताओं ने उत्तरी स्पेन की एल मिरोन गुफा में 22,000 वर्ष पुरानी तलछट की एक परत से मानव डीएनए भी प्राप्त किया, जबकि वहां मानव हड्डियां या दांत नहीं मिले थे। यह डीएनए संकेत देता है कि पिछले हिमयुग के सबसे ठंडे दौर में भी पश्चिमी यूरोपीय वंशावली बनी रही। इससे इस विचार को समर्थन मिलता है कि आइबेरियाई प्रायद्वीप ने शरणस्थली का काम किया था।
निष्कर्ष दिखाते हैं कि लंबी दूरियों पर आनुवंशिक आदान-प्रदान के साथ-साथ क्षेत्रीय वंशावली भी हजारों वर्षों तक कायम रह सकती थी।