
फलती-फूलती प्रकृति
ब्रिटेन में ब्लूफिन टूना की वापसी दिखाती है कि संरक्षण कारगर हो सकता है
अटलांटिक ब्लूफिन टूना ब्रिटेन के समुद्री जल में बड़ी संख्या में लौट आई हैं, जिनमें कॉर्नवाल के तट के पास का समुद्री क्षेत्र भी शामिल है। WWF ने इस वापसी को इस बात के प्रमाण के रूप में रेखांकित किया है कि लगातार संरक्षण प्रयास वन्यजीवों की संख्या फिर बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।
अत्यधिक मछली पकड़ने के कारण 1960 के दशक में ये मछलियां इन जल क्षेत्रों से लगभग गायब हो गई थीं। मछली पकड़ने की मात्रा कम करने और प्रजनन क्षेत्रों की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय समझौतों ने उनकी संख्या बहाल करने में मदद की है। वहीं सार्डिन, मैकेरल और हेरिंग जैसी शिकार मछलियों की प्रचुरता उन्हें ब्रिटिश तटों की ओर खींच रही है।
WWF की लिविंग प्लैनेट रिपोर्ट 2026 में इस वापसी के साथ अन्य उत्साहजनक उपलब्धियों का भी उल्लेख है। दुनिया में जंगली बाघों की संख्या 2010 के लगभग 3,200 से बढ़कर 2025 में 5,700 हो गई। इसमें संरक्षित क्षेत्रों के विस्तार, अवैध व्यापार के खिलाफ कार्रवाई और सरकारों व स्थानीय समुदायों के सहयोग ने मदद की। दक्षिणी अफ्रीका में हाथियों की कुछ आबादियां भी उन जगहों पर स्थिर हैं या बढ़ रही हैं जहां समुदाय संरक्षण में भूमिका निभाते हैं।
ये सफलताएं व्यापक नुकसान को मिटा नहीं देतीं। निगरानी की जा रही लगभग 36,000 वन्यजीव आबादियों में रिपोर्ट ने 1970 के बाद से आबादी के आकार में औसतन 73% की गिरावट दर्ज की है। यह दुनिया भर में खत्म हुए अलग-अलग जीवों की गिनती नहीं है।
फिर भी अध्ययन की गई लगभग आधी आबादियां स्थिर थीं या बढ़ रही थीं। यह सुधार दिखाता है कि गिरावट अपरिहार्य नहीं है, हालांकि आवास का नुकसान, अत्यधिक दोहन और जलवायु परिवर्तन वन्यजीवों के लिए खतरा बने हुए हैं।