
फलती-फूलती प्रकृति
बचाए गए आठ ओरंगुटान बोर्नियो के जंगल में लौटे
इंडोनेशियाई बोर्नियो में जंगल की आग से खतरे में पड़े आवासों से बचाए गए आठ ओरंगुटानों को एक संरक्षित वन में छोड़ दिया गया है। इंडोनेशिया के वानिकी मंत्रालय और इंटरनेशनल एनिमल रेस्क्यू इंडोनेशिया ने बताया कि तीन माएं अपने बच्चों के साथ और दो नर 9 अक्टूबर को जंगल में लौटे।
संरक्षणकर्ताओं ने जानवरों के स्वास्थ्य की जांच की और बातु न्याम्बु संरक्षित वन तक नौ घंटे की यात्रा से पहले उन्हें जंगल में छोड़े जाने के लिए स्वस्थ घोषित किया। इस अभियान में छह घंटे कार से, एक घंटा नाव से और दो घंटे पैदल यात्रा की गई। टीमों ने ओरंगुटानों के पिंजरे बांस के डंडों पर उठाकर ढोए।
आग के कारण उनके पुराने आवास सुरक्षित रूप से उनका जीवन बनाए रखने लायक नहीं रह गए थे। भोजन तक पहुंच कम हो गई थी और अन्य वन क्षेत्रों तक जाने के रास्ते कट गए थे। मामा लीफा नाम की एक मां और उसके बच्चे को तेल पाम के बागानों से घिरे अकासिया के पेड़ों के एक छोटे हिस्से से बचाया गया, जहां आग से हुए नुकसान और भोजन की कमी ने उनके अस्तित्व को खतरे में डाल दिया था।
पश्चिम कालीमंतान के 23,000 हेक्टेयर के इस संरक्षित क्षेत्र को उसके भोजन और पानी के स्रोतों तथा अन्य जंगलों से उसके जुड़ाव के कारण चुना गया। बचावकर्ताओं ने कहा कि उद्देश्य केवल जानवरों को दूसरी जगह पहुंचाना नहीं, बल्कि उन्हें अपने प्राकृतिक आवास में जीवित रहने का मौका देना था।
ओरंगुटान गंभीर रूप से संकटग्रस्त हैं। बचाव टीम ने जोर दिया कि उनके जंगलों की रक्षा प्राथमिकता बनी हुई है और जब वे आवास सुरक्षित नहीं रह जाते, तब उन्हें स्थानांतरित करना जरूरी होता है।