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2027 से बंद होंगे लीप सेकंड, कंप्यूटरों में समय का तालमेल बनाए रखना होगा आसान

अंतरराष्ट्रीय समय-निर्धारण प्राधिकारियों ने 20 मई 2027 से लीप सेकंड समाप्त करने को मंजूरी दे दी है। इस बदलाव का उद्देश्य कंप्यूटर संबंधी गड़बड़ियां कम करना और समय-निर्धारण को अधिक विश्वसनीय बनाना है। वर्साय में हुई माप-तौल महासम्मेलन की बैठक में इस प्रस्तावित बदलाव को तय समय से आठ वर्ष पहले लागू करने का फैसला हुआ।

लीप सेकंड दुनिया के संदर्भ समय, समन्वित सार्वत्रिक समय यानी UTC, को पृथ्वी के घूर्णन पर आधारित समय के करीब बनाए रखते हैं। परमाणु घड़ियां असाधारण एकरूपता से समय मापती हैं, लेकिन पृथ्वी की घूर्णन गति में थोड़ा उतार-चढ़ाव होता रहता है। इस अंतर को पाटने के लिए 1972 से अब तक 27 अतिरिक्त सेकंड जोड़े गए हैं। आखिरी बार ऐसा दिसंबर 2016 में हुआ था।

ये मामूली समायोजन बड़ी बाधाएं पैदा कर सकते हैं। पहले लीप सेकंड के कारण एयरलाइन चेक-इन प्रणालियां प्रभावित हुई हैं और इंटरनेट सेवाएं ठप हुई हैं। विशेषज्ञों को यह भी चिंता है कि पृथ्वी के घूर्णन में बदलाव के कारण पहली बार एक सेकंड घटाने की जरूरत पड़ सकती है। सिमुलेशन में कई उपकरण ऐसा बदलाव सही ढंग से संभाल नहीं पाए।

नए नियमों के तहत UTC में एक-एक सेकंड के ये बदलाव नहीं होंगे। रोजमर्रा की घड़ियों का समय अचानक नहीं बदलेगा। इसके बजाय आधिकारिक समय और पृथ्वी के घूर्णन पर आधारित समय के बीच का अंतर धीरे-धीरे बढ़ने दिया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा एक घंटा होगी। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस सीमा तक पहुंचने में कई शताब्दियां लगेंगी। दूरबीनों को सटीक दिशा में मोड़ने के लिए खगोलविद जरूरत पड़ने पर पृथ्वी के घूर्णन के प्रत्यक्ष मापों का इस्तेमाल जारी रख सकेंगे।

स्रोत

  1. infobaeLos relojes atómicos dejarán de añadir segundos para ajustarse a la rotación de la Tierra
  2. EL PAÍSLas autoridades del tiempo deciden que los relojes atómicos y los astronómicos vayan cada uno por su lado
  3. BFMTVTerminé 23h59:60 sur vos horloges, les scientifiques veulent supprimer la seconde "intercalaire"

रिपोर्टिंग संबंधी टिप्पणियाँ

यह जानकारी कहाँ से आई

Unknown

EL PAÍS स्पष्ट रूप से बताता है कि डेल काम्पो ने पेरिस से ईमेल के जरिए जवाब दिया, जहां वह स्पेन के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रही हैं। इसके अलावा, सुधार के तकनीकी प्रभावों पर एस्तारेल्यास के कथन भी उद्धृत किए गए हैं।

EFE

infobae के लेख की शुरुआत 'पेरिस, 15 अक्टूबर (EFE)' की डेटलाइन से होती है और अंत में 'EFE' लिखा है।

AFP

BFMTV ने थॉमस ग्रेनॉन की व्याख्या का स्रोत AFP बताया है और सम्मेलन से पहले डगलस अर्नोल्ड तथा नोएल दिमार्क के दिए बयानों की भी जानकारी दी है।