
विज्ञान और खोज
पहले देखना, फिर अभ्यास: नन्हे ओरंगुटान भोजन करना कैसे सीखते हैं
शोधकर्ताओं ने पाया है कि कम स्वतंत्र खोजबीन करने वाले नन्हे ओरंगुटान दूसरे वानरों को देखकर इसकी कुछ हद तक भरपाई कर सकते हैं, जिससे उन्हें अधिक तरह के खाद्य पदार्थ खाना सीखने में मदद मिलती है।
Science में प्रकाशित इस अध्ययन में इंडोनेशिया के सुआक बालिम्बिंग में 21 जंगली सुमात्राई ओरंगुटान शावकों के सीखने से जुड़े लगभग 7,000 रिकॉर्ड का उपयोग किया गया। शोधकर्ताओं ने इनमें से 13 के भोजन व्यवहार के अवलोकनों से यह भी अनुमान लगाया कि लगभग साढ़े आठ साल की उम्र में स्वतंत्र होने तक उन्होंने कितने प्रकार के खाद्य पदार्थ खाना सीख लिया था।
खुद भोजन जुटाना और खाना सीखना एक कठिन काम है। ओरंगुटान को समझना पड़ता है कि कौन-से खाद्य पदार्थ सुरक्षित हैं, वे कहां मिलेंगे और खाने योग्य हिस्सों तक कैसे पहुंचना है, जो कभी-कभी सख़्त फलों के भीतर छिपे होते हैं।
इन शावकों में दूसरों को देखने या अपने दम पर खोजबीन करने की आवृत्ति अलग-अलग थी। जो अक्सर दोनों काम करते थे, उनके आहार में सबसे अधिक विविधता विकसित हुई। मां या किसी दूसरे ओरंगुटान को ध्यान से देखने के बाद लगभग ढाई घंटे तक खोजबीन भी बढ़ी, जो संकेत देता है कि देखने से अभ्यास को प्रोत्साहन मिला।
निष्कर्ष बताते हैं कि साझा ज्ञान और व्यक्तिगत प्रयास वर्षों तक मिलकर भोजन जुटाने और खाने के कौशल कैसे विकसित करते हैं। वे अभी यह नहीं दिखाते कि अधिक विविध आहार से जीवित रहने या प्रजनन में लाभ मिलता है या नहीं; टीम आगे इन सवालों की जांच करने की योजना बना रही है।